न्यूज डेस्क, रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पूछताछ के बाद अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने शनिवार सुबह मुंबई स्थित उनके आवास और अन्य ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है। यह कार्रवाई 17,000 रु. करोड़ रुपये के बैंक लोन धोखाधड़ी मामले से जुड़ी बताई जा रही है।
CBI ने शनिवार सुबह मुंबई के कफ़ परेड स्थित अनिल अंबानी के प्राइमरी रेजिडेंस ‘सीविंड’ पर छापा मारा। यह छापेमारी 17,000 करोड़ रुपये के कथित बैंक फ्रॉड मामले की जांच के तहत की गई थी। छापेमारी सुबह लगभग 7 बजे शुरू हुई और सात से आठ अधिकारी परिसर में गए, तब से तलाशी जारी है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस दौरान अनिल अंबानी और उनका परिवार घर पर ही मौजूद थे।
यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा 4 अगस्त को अनिल अंबानी से पूछताछ और उनके कई सीनियर अफसरों को PMLA (धन शोधन निवारण अधिनियम) के तहत समन जारी करने के कुछ दिनों बाद आई है। इनमें उनके करीबी सहयोगी अमिताभ झुनझुनवाला और सतीश सेठ शामिल हैं, जिन पर ED ने पहले से नजर रखी हुई थी। अब तक कम से कम छह समन जारी किए जा चुके हैं।
सारांश में, CBI की यह कार्रवाई ED की चल रही जांच के दायरे का हिस्सा है, और दोनों एजेंसियां रिलायंस ADA ग्रुप से जुड़े इस बड़े कथित बैंक फ्रॉड मामले की तह तक जाने की कोशिश में जुटी हैं।
सूत्रों के अनुसार, CBI के 7 से 8 अधिकारियों की टीम सुबह करीब 7 बजे कफ परेड स्थित सीविंड सोसाइटी में अंबानी के घर पहुंची और तब से तलाशी जारी है। छापे के दौरान अनिल अंबानी और उनका परिवार घर पर मौजूद बताया गया है।
जांच एजेंसी बैंक लोन से जुड़े दस्तावेज खंगाल रही है और खासतौर पर यस बैंक और अंबानी समूह की कंपनियों के बीच लेन-देन से संबंधित कागजात की तलाश कर रही है।
इससे पहले, ईडी ने भी अनिल अंबानी को पूछताछ के लिए बुलाया था। 24 जुलाई को हुई छापेमारी में ईडी ने रिलायंस ग्रुप से जुड़ी करीब 50 व्यावसायिक कंपनियों और 25 व्यक्तियों* के मुंबई स्थित 35 ठिकानों पर रेड की थी।












