उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर एनडीए ने पूरी रणनीति तैयार कर ली है. सोमवार को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के आवास पर हुई अहम बैठक में यह फैसला लिया गया कि एनडीए के उम्मीदवार और मौजूदा महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन 20 अगस्त को सुबह 11 बजे नामांकन दाखिल करेंगे. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद मौजूद रहेंगे और एनडीए के सभी सांसद उनके साथ नामांकन प्रक्रिया में शामिल होंगे. बैठक में एनडीए के सभी दलों ने राधाकृष्णन अपना समर्थन देने का ऐलान किया. इसे लेकर एनडीए खेमे में उत्साह का माहौल बना है.
बैठक में बनी रणनीति
इस बैठक में एनडीए घटक दलों के फ्लोर लीडर्स और संसदीय दल के नेताओं ने हिस्सा लिया. यहां नामांकन की तारीख और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि राधाकृष्णन वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं और इससे पहले झारखंड के भी राज्यपाल रह चुके हैं. उन्होंने कहा, “हमें गर्व है कि इतने अनुभवी और साफ छवि वाले नेता को एनडीए ने उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है.”
एनडीए नेताओं का समर्थन
बैठक में सभी सहयोगी दलों ने राधाकृष्णन के नाम का स्वागत किया. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने कहा कि यह सिर्फ एक उम्मीदवारी नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास है. उन्होंने कहा कि राधाकृष्णन का चयन समान अवसर और सम्मान की राजनीति को मजबूती देगा. वहीं, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने भी कहा कि ओबीसी समाज का चेहरा होने के नाते उनका चयन सामाजिक न्याय की मिसाल है.
इस बैठक में एनडीए घटक दलों के फ्लोर लीडर्स और संसदीय दल के नेताओं ने हिस्सा लिया. यहां नामांकन की तारीख और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि राधाकृष्णन वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं और इससे पहले झारखंड के भी राज्यपाल रह चुके हैं. उन्होंने कहा, “हमें गर्व है कि इतने अनुभवी और साफ छवि वाले नेता को एनडीए ने उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है.”
एनडीए नेताओं का समर्थन
बैठक में सभी सहयोगी दलों ने राधाकृष्णन के नाम का स्वागत किया. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने कहा कि यह सिर्फ एक उम्मीदवारी नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास है. उन्होंने कहा कि राधाकृष्णन का चयन समान अवसर और सम्मान की राजनीति को मजबूती देगा. वहीं, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने भी कहा कि ओबीसी समाज का चेहरा होने के नाते उनका चयन सामाजिक न्याय की मिसाल है.












