गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से पटना जिले के पांच प्रखंडों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। यहां से लोगों का पलायन पटना शहर की ओर शुरू है। जिला प्रशासन की ओर से 35 नावें उपलब्ध कराई गई है। सभी सीओ, बीडीओ और एसडीओ को अलर्ट कर दिया गया है। बुधवार को डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया तथा पीड़ितों से बात की। मनेर, दानापुर, पटना सदर, बाढ़ और मोकामा में बाढ़ का असर है। इन प्रखंडों के दर्जनों गांवों में पानी फैल रहा है, इसीलिए लोग सुरक्षित स्थानों पर निकल रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि लगभग 50 हजार से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित है। उन्हें सुरक्षित जगहों पर निकाला जा रहा है। डीएम ने दीघा पाटीपुल, मीनार घाट, कुर्जी बिंद टोली घाट सहित आसपास के क्षेत्रों का दौरा किया तथा बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों आदि लोगों से बातचीत की।
डीएम ने कहा कि कुछ पंचायतों के निचले हिस्से में नदी का पानी आया है। कहीं-कहीं गंगा का पानी सड़क के किनारे आ गया है। पदाधिकारियों द्वारा लगातार क्षेत्र भ्रमण किया जा रहा है। सभी एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है। स्थिति पर प्रशासन की पैनी नजर है। आवश्यकतानुसार नावों की संख्या बढ़ायी जाएगी। किसी भी परिस्थिति में ओवरलोडिंग नहीं हो, इसकी व्यवस्था की गई है। डीएम ने सभी सीओ और डीसीएलआर को अपने अपने क्षेत्र में भ्रमण करने को कहा है।
प्रति घंटे एक सेंटीमीटर से अधिक बढ़ रहा जलस्तर
गंगा का जलस्तर प्रत्येक घंटे में एक सेंटीमीटर से अधिक बढ़ रहा है। चौबीस घंटे में गंगा का जलस्तर 30 सेंटीमीटर बढ़ा है। मंगलवार को गांधीघाट पर नदी का जलस्तर 49.57 मीटर था जो बुधवार को बढ़कर 49.87 हो गया है। दीघाघाट पर 50.81 मीटर था जो 51.10 मीटर हो गया है। मनेर में 52.74 मीटर से 52.99 हो गया। हाथीदह में 42.48 मीटर से 42. 74 हो गया है। सोन का जलस्तर मंगलवार को कोईलवर में 53.01 मीटर था जो बढ़कर 53.51 हो गया है।
अथमलगोला :रामनगर दियारा चारों तरफ बाढ़ के पानी से घिरा
अथमलगोला। गंगा में उफान से रामनगर दियारा पंचायत चारों ओर बाढ़ के पानी से घिर गया है। वार्ड नंबर 9,10,11, और 12 बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित है। रामनगर दियारा को एनएच से जोड़ने वाली ग्रामीण सड़क पर पानी चढ़ गया है।
तीन जगहों पर पीड़ितों के लिए बनी शरणस्थली
बाढ़ पीड़ितों को रहने के लिए तीन जगहों पर रहने के लिए शरणस्थली बनी है। पाटीपुल पर नकटा दियारा और मीनार घाट पर दियारा के लोगों के रहने की व्यवस्था है। बिंदटोली के लोगों के लिए मरीन ड्राइव के एक लेन में टेंट लगा है। तीनों जगहों पर सामुदायिक रसोई, मेडिकल और पशुओ के चारा की व्यवस्था है। बाढ़ और मोकामा में भी सामुदायिक रसोई की व्यवस्था है।
इस नंबर पर संपर्क करें
बाढ़ प्रभावित इलाके में रहने वाले लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं हैं। किसी भी प्रकार की सूचना जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र में क्रियाशील नियंत्रण कक्ष (0612-2210118) में दी जा सकती है।
दानापुर :दियारा क्षेत्र में स्थिति भयावह होने से ग्रामीण परेशान
पटना से सटे दानापुर में गंगा नदी के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी से दियारा क्षेत्र में स्थिति भयावह होती जा रही है, जिससे कुछ इलाके के लोग शहर की ओर पलायन करने लगे हैं। बुधवार को कुछ लोग अपनी मवेशी लेकर दानापुर पहुंचे। कासिमचक समेत अन्य निचले इलाके में रहने वाले लोग दानापुर आकर अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए तो कुछ परिवारों ने सामान लेकर बलदेव इंटर स्कूल में शरण लिया है। कुछ दियारा के लोग ऊंचे स्थानों पर शरण लेने में लगे हैं।













