बिहार में पिछले तीन-चार दिनों से जारी बारिश के कारण जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राज्य की नदियों का जलस्तर बढ़ने के वजह से कई जगह बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। भारतीय मौसम विभाई (IMD) ने अभी सात दिनों तक राज्य में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। खासकर उत्तर बिहार के जिलों में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। विभाग ने बताया कि राज्य के छपरा और वाल्मीकिनगर से मानसून ट्रफ और एक अन्य ट्रफ उत्तर-पूर्व बिहार से गुजर रही है। इसकी वजह से अगले सात दिनों तक राज्य में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। बारिश के कारण गंडक, कोसी, बागमती और महानंदा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना है।
इन 25 जिलों में 6 अगस्त को भी येलो एलर्ट
पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, सिवान, गोपालगंज, सारन, वैशाली, समस्तिपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, सहरसा, समस्तिपुर, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, पुर्णिया, कटिहार, भागलपुर, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, बांका।
पटना में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर
राजधानी पटना का भी बारिश से बुरा हाल है। यहां गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर निकल गया है। बताया जा रहा है कि पटना के दीघा घाट में गंगा खतरे के निशान से लगभग 36 सेमी ऊपर बह रही हैं। वहीं, गांधी घाट पर ये खतरे के निशान से तकरीबन 70 सेमी ऊपर बह रही हैं। इसकी वजह से रिवर फ्रंट जलमग्न हो गया है। कई इलाकों में बारिश का पानी घुस गया है, जिससे उनका घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
राज्य के दक्षिणी हिस्से में थमेगा मानसून
मौसम विभाग का कहना है कि राज्य के दक्षिणी हिस्सों में मानसून की गतिविधि धीरे-धीरे कम हो सकती है। पटना समेत दक्षिणी हिस्सों के बाद मानसून अब उत्तर बिहार की ओर बढ़ सकता है। मानसून के प्रभाव से इस क्षेत्र के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है।










