जेपी नड्डा के बाद कौन होगा भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष? करीब 3 महीने से ज्यादा वक्त बीत चुका है, लेकिन लोगों को इस सवाल का जवाब नहीं मिल पाया है। हालांकि भाजपा भी अभी नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन के लिए मंथन कर रही है। माना जा रहा है कि 15 अगस्त तक भाजपा के नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान हो जाएगा, लेकिन उपराष्ट्रपति सत्यपाल मलिक के इस्तीफे के बाद ऐसा होते नजर नहीं आ रहा है। दूसरी ओर सियासी गलियारों में भाजपा अध्यक्ष के नेताओं के नाम को लेकर कयासों का दौर थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। कयासों के इस दौर में कुछ नाम राजस्थान से भी सामने आए हैं।
राजस्थान का सियासी माहौल देश के अन्य राज्यों से कुछ हटकर है। यहां की जनता पिछले कई पंचवर्षीय से एक बार भाजपा तो एक बार कांग्रेस को मौका देते आई है। ऐसे में माना जा रहा है कि यहां की सियासत को साधने के लिए भाजपा इस बार राजस्थान के नेता को राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर काम करने का मौका मिल सकता है। वैसे देखा जाए तो भाजपा के इतिहास में पिछले 45 साल में राजस्थान का कोई भी नेता भाजपा का मुखिया नहीं बन पाया, जबकि यहां से कई दिग्गज नेता दिल्ली तक पहुंचे हैं। वहीं, अब राजस्थान के ऐसे 4 नेता है जिनके नाम पर विचार किया जा सकता है।
अर्जुन राम मेघवाल
वर्तमान में केंद्रीय कानून मंत्री और पीएम नरेंद्र मोदी के विश्वसनीय सहयोगियों में से एक। अर्जुन राम मेघवाल ने आईएएस की नौकरी छोड़कर राजनीति का रास्ता चुना था। इन्हें दलित समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले नेता के रूप में देखा जाता है। वे संसद में पार्टी के प्रमुख फ्लोर मैनेजर के तौर पर भी जाने जाते हैं। साथ ही महत्वपूर्ण बिलों को पारित कराने में उनकी प्रमुख भूमिका रही है। बीकनेर सीट से सांसद हैं।
भूपेंद्र यादव
वर्तमान में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री। वे लंबे समय तक पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रहे हैं। मोदी-शाह की कोर टीम का हिस्सा माने जाते हैं। उन्हें चुनावी रणनीति, गठबंधन निर्माण और नीतिगत फैसलों में दक्षता हासिल है। साथ ही संघ से भी उनके संबंध गहरे हैं। वह अलवर से लोकसभा के सांसद भी हैं। वह 2 बार राज्यसभा सांसद भी रह चुके है।
सुनील बंसल
राजस्थान से ताल्लुक रखने वाले राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल को भाजपा ने कई चुनावों की कमान सौंपी है। वे एक बेहतरीन संगठनकर्ता के तौर पर जाने जाते हैं। सुनील बंसल का यूपी से गहरा नाता रहा है। सुनील बंसल यूपी चुनाव 2017, लोकसभा चुनाव 2019 और यूपी चुनाव 2022 में भाजपा की जीत के सूत्रधार बने रहे।












