भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर एक और संदिग्ध को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में पकड़ा गया है. हैरान कर देने वाली बात यह है कि यह संदिग्ध डिफेंस रिसर्च डवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) के गेस्ट हाउस का मैनेजर है. इस गेस्ट हाउस में सैन्य परीक्षण से जुड़े बड़े अधिकारी और वैज्ञानिक रुकते हैं. यहां से मैनेजर खुफिया जानकारी भारत के कट्टर दुश्मन देश पाकिस्तान को भेज रहा था. मामले को खुलासा होने के बाद हड़कंप मच गया है. सुरक्षा एजेंसियां और मिलिट्री इंटेलिजेंस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है.
जानकारी के अनुसार पकड़ा गया संदिग्ध का नाम महेंद्र प्रसाद है. वह उत्तराखंड के अल्मोड़ा का रहने वाला है. वह भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर जैसलमेर जिले में चांधन स्थित डीआरडीओ गेस्ट हाउस का मैनेजर है. उस पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का गंभीर आरोप है. उसे पकड़ लिया गया है. आरोपी ने पर सैन्य अधिकारियों की जानकारी सीमा पार भेजने का आरोप है. जैसलमेर में पोकरण फायरिंग रेंज जैसे संवेदनशील स्थान है.
मोबाइल और चैट्स से जासूसी के अहम सबूत मिले
बताया जा रहा है कि आरोपी की ओर से इससे जुड़ी कई जानकारियों लीक की गई हैं. उसके मोबाइल और चैट्स से जासूसी के अहम सबूत मिलने की बात सामने आ रही है. उस पर शक होने के बाद से सुरक्षा एजेंसियों की ओर से लंबे समय से उस पर निगरानी रखी जा रही थी. सबूत हाथ लगते ही उसे डिटेन कर लिया गया है. सुरक्षा एजेंसियां और मिलिट्री इंटेलिजेंस उससे कड़ी पूछताछ कर रही है. संभावना जताई जा रही है कि आज उससे जेआईसी भी पूछताछ कर सकती है.
आरोपी 2008 से डीआरडीओ गेस्ट हाउस में कार्यरत है
आरोपी जासूस साल 2008 से डीआरडीओ गेस्ट हाउस में कार्यरत है. वह कब से जासूसी में कर था इसका अभी तक पूरी तरह से खुलासा नहीं हो पाया है. सुरक्षा एंजेसियां जैसलमेर जिले में अब तक कई जासूसों को गिरफ्तार कर चुकी है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद सुरक्षा एंजेसियां जैसलमेर में अलर्ट मोड पर है. इस ऑपरेशन के बाद वहां से दो बड़े जासूस पठान खान और शकूर खान गिरफ्तार किया गया था.












