लखनऊः राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने मंगलवार को डॉ बीआर अंबेडकर के नाम पर एक स्मारक की आधारशिला रखी, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लखनऊ में बनाया जाएगा। अंबेडकर स्मारक ऐशबाग में बनेगा।
इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा भी मौजूद थे। दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ में मौजूद राष्ट्रपति कोविंद सोमवार को कानपुर से पहुंचे और मंगलवार शाम को दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
समारोह वस्तुतः राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के साथ-साथ उनके दो प्रतिनियुक्तों के साथ हुआ, जो उपस्थित थे।
भारतीय संविधान के निर्माता को समर्पित स्मारक बनाने का यूपी सरकार का कदम राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
‘‘बाबासाहेब कहते थे कि हर लोकतंत्र में सभी के लिए काम करना सरकार का कर्तव्य है। विभिन्न राजनीतिक दल अलग-अलग नारे लगाते हैं – ‘सबका साथ, सबका विकास’, जो कि सत्तारूढ़ भाजपा का नारा है, उदाहरण के लिए – और यह ठीक है। हालांकि, मुझे खुशी है कि वर्तमान सरकार सभी के लाभ के लिए काम कर रही है,’ राष्ट्रपति कोविंद ने अपने संबोधन में कहा।
राष्ट्रपति के अभिभाषण से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ अंबेडकर की विरासत को आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा, ‘‘जब भी कोई भारत में गरीबों और दलितों की बात करता है, तो डॉ अंबेडकर का नाम ऐसे व्यक्ति के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने उनके उत्थान के लिए बहुत कुछ किया।’’
‘‘डॉ अम्बेडकर की विरासत को जीवित रखना एक सतत प्रक्रिया है… चाहे वह उनके गृहनगर में एक स्मारक हो या उनके द्वारा देखी गई अन्य जगहों पर। यह नया स्मारक एक अत्यंत आधुनिक सुविधा होगी जो दुनिया भर में डॉ अंबेडकर की विरासत को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।’’ मुख्यमंत्री ने जोड़ा।
स्मारक के निर्माण पर 45.04 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें 750 लोगों की क्षमता वाला एक सभागार, एक पुस्तकालय, अनुसंधान केंद्र, चित्र गैलरी, संग्रहालय और एक बहुउद्देश्यीय सम्मेलन केंद्र भी होगा। कैफेटेरिया और डॉरमेट्री जैसी सुविधाएं भी होंगी। सांस्कृतिक विभाग जल्द ही निर्माण शुरू कर सकता है।












