नई दिल्लीः एयर इंडिया की कमान पूरी तरह से टाटा समूह के हाथों में देने की तैयारी तेजी से चल रही है. कहा जा रहा है कि सरकार एयर इंडिया को आज टाटा समूह को सौंप सकती है। इन अटकलों के बीच टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर सकते हैं। सूत्रों ने गुरुवार को एनडीटीवी को यह जानकारी दीं। सूत्रों ने कहा कि हैंडओवर से पहले एयर इंडिया के निदेशक मंडल में सरकारी सदस्यों की जगह टाटा समूह द्वारा नामित लोगों को शामिल किया जा सकता है।
सरकारी सूत्रों ने कहा, “एयर इंडिया के मौजूदा बोर्ड की अंतिम मीटिंग आज दोपहर करीब 2.30 बजे होगी। एयर इंडिया के बोर्ड के सरकारी सदस्य इस्तीफा देंगे। साथ ही टाटा संस द्वारा नामित नया बोर्ड नियंत्रण संभालेगा। इसके बाद टाटा संस एयर इंडिया के नए सीएमडी और शीर्ष पदों पर नियुक्ति करेगा।“
सरकार ने प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के बाद आठ अक्टूबर को 18,000 करोड़ रुपये में एयर इंडिया को टैलेंस प्राइवेट लिमिटेड को बेच दिया था। यह टाटा समूह की होलिं्डग कंपनी की अनुषंगी इकाई है।
इसके बाद, टाटा समूह को एक आशय पत्र जारी किया गया था, जिसमें सरकार की एयरलाइन में अपनी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की इच्छा की पुष्टि की गई थी। फिर, केंद्र ने इस सौदे के लिए शेयर खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए।
डील के तहत, एयर इंडिया के साथ उसकी किफायती विमान सेवा एयर इंडिया एक्सप्रेस की भी 100 हिस्सेदारी की बिक्री की जाएगी। साथ ही उसकी ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी एआईएसएटीएस की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी टाटा समूह को दी जाएगी।
सरकार ने 25 अक्टूबर को 18,000 करोड़ रुपये में एयर इंडिया की बिक्री के लिए टाटा संस के साथ खरीद समझौता किया था। टाटा सौदे के एवज में सरकार को 2,700 करोड़ रुपये नकद देगी और एयरलाइन पर बकाया 15,300 करोड़ रुपये के कर्ज की देनदारी लेगी।
एयर इंडिया साल 2007-08 में इंडियन एयरलाइंस के साथ विलय के बाद से ही लगातार घाटे में चल रही थी। 31 अगस्त 2021 को उस पर कुल 61,562 करोड़ रुपये का बकाया था।












