आवारा कुत्तों को रिहायशी इलाके से हटा कर शेल्टर होम में रखने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आदेश से पहले एक डॉग शेल्टर होम के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू की थी।
आदेश आने के बाद टेंडर में संशोधन कर पांच शेल्टर होम के निर्माण को निर्धारित किया है। ये शेल्टर होम चार हजार वर्ग मीटर जमीन पर बनाए जाएंगे। इसके लिए जगह की तलाश शुरू कर दी गई है। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर स्वर्णनगरी में अभी एक डॉग शेल्टर है, जहां कुत्तों का टीकाकरण और इलाज किया जाता है।
जानकारी के मुताबिक ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में एक लाख से अधिक आवारा कुत्तों के होने का अनुमान है। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अध्ययन कर डॉग शेल्टर में आवारा कुत्तों को ले जाने और रखने की व्यवस्था की जाएगी।
अब तक जिले में स्थाई तौर पर कुत्तों को शेल्टर होम में रखने का नियम नहीं है। रेबीज का इंजेक्शन, नसबंदी के कुछ दिन बाद कुत्तों को उसी स्थान पर छोड़ दिया जाता था, जहां से उन्हें लाया जाता था। करीब 15 दिन तक रखकर रेबीज इंजेक्शन लगाने, नसबंदी के अलावा इनके व्यवहार को शांत रखने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है।
शेल्टर होम में पशु चिकित्सक, स्टाफ और कुत्तों को पकड़ने वाली टीम अलग से रहती है। सेक्टर स्वर्ण नगरी स्थित शेल्टर होम में पांच हजार कुत्तों का टीकाकरण हो चुका है। यहां प्रतिदिन 15 कुत्तों की नसबंदी करने की सुविधा है।
उल्लेखनीय है कि ग्रेटर नोएडा में आवारा कुत्तों की समस्या बढ़ने लगी है। आए दिन घटनाएं होती रहती हैं। पार्क में खेलने वाले बच्चों व घूमने जाने वाले लोगों पर कई बार हमला कर चुके हैं। नोएडा के अलग-अलग हिस्सों के अलावा ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सबसे ज्यादा मामले होते हैं।










