उत्तराखंड के धराली गांव में बादल फटने से हुई तबाही की चर्चा चारों ओर है. इस विशाल प्राकृतिक आपदा में 4 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई है, जबकि 130 लोग रेस्क्यू किए गए हैं. धराली गांव में सैंकडों लोग लापता हैं. प्रशासन के मुताबिक, शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे खीरगंगा नदी के ऊपर बादल फट गया, जिसके बाद वहां हाहाकार मच गया. चंद सेकंड के अंदर सैलाब के साथ लाखों टन मलबा धराली गांव पहुंच गया. इसके बाद वहां कोहराम मच गया. जान बचाने के लिए लोगों में चीख पुकार मच गई, लेकिन बिजली की रफ्तार से पहुंचे सैलाब ने 58 सेकंड में पूरे गांव को निगल लिया. गांव में कई मीटर मलबा जमा हो गया. कुछ मकान तो मलबे के ढेर में पूरी तरह दब गए, उनका नामोनिशान मिट गया. खबर मिलते ही सेना की एक टुकड़ी 10 मिनट के अंदर वहां पहुंच गई. जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया. NDRF, SDRF और स्थानीय पुलिस की टीम राहत बचाव के काम में लगी हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आपदा की जानकारी ली.
किसी को संभलने का मौका तक ना मिला
बिना वक्त गंवाए पीड़ितों की हरसंभव मदद करने के निर्देश जारी किए, क्योंकि उत्तरकाशी के धराली गांव में पहाड़ पर बादल फटा और उसके बाद वहां से आए मलबे ने वहां सबकुछ तबाह कर दिया. बादल फटने के बाद लाखों टन मलबा बिजली की रफ़्तार से नीचे आया. किसी को संभलने का या कुछ समझ पाने का मौका ही नहीं मिला. देखते ही देखते गरजता हुआ सैलाब धराली बाज़ार में मौजूद होटेल, दुकानों और लोगों के घरों को अपने साथ बहा ले गया.
अरे भागो, अरे भागो, भयंकर फटेगी, अरे भाई, भयंकर तबाही
गांव की तरफ़ मलबा आता देख वहां चीख़ पुकार मच गई, क्योंकि ऐसा लगा जैसे वहां कीचड़ और मलबे से लबालब कोई बांध फट पड़ा हो. सैलाब के रास्ते में जो कुछ आया वो तबाह हो गया. घबराहट में लोग बुरी तरह चीखते चिल्लाते दिखे. ‘अरे बह गया, ए मेरी मां, ए मेरी मां, छोटे मामा’.. और भी ना जानें क्या-क्या चीख पुकार की आवाजें वहां से आईं. अपनी आंखों के सामने तबाही देखकर लोगों का दिल दहल गया, क्योंकि पहाड़ से नीचे आया सैलाब जब वहां बने मकानों से टकराया तो रूह कंपा देने वाला मंज़र दिखाई दिया. अफ़रातफ़री के बीच एक मकान में मौजूद कुछ महिलाएं अपने रिश्तेदारों को अलर्ट करने के लिए चीख़ती चिल्लाती दिखीं. अरे फोन कर, अरे फोन कर ले, पागल फोन कर, अरे बाबा.. देखने वाले चिल्ला रहे थे. खीर गंगा नदी से होता हुआ पहाड़ी से आया सैलाब पलक झपकते ही भागीरथी नदी में जा मिला, लेकिन इस दौरान उसने वहां प्रलय मचा दिया.
अभी कितने लोग फंसे होंगे, मरे होंगे, धीरे-धीरे पता चलेगा
गंगोत्री से पहले हर्षिल के पास.. धराली मार्किट होटल एरिया में.. अचानक पहाड़ी नाले में बेहद तेज बहाव की वजह से आसपास मौजूद घर, होटलों में बेहद नुकसान हुआ है. प्रशासन के मुताबिक अभी घायल, लापता लोगों के बारे में जानकारी नही हैं, जिस तरीके से तेज बहाव आया है, उससे लग रहा है बादल फटने से ये तबाही हुई है. फिलहाल एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आर्मी, लोकल प्रशासन रेस्क्यू ऑपरेशन में लगा है. बहाव इतना तेज था कि अभी कितने लोग फंसे होंगे, कितने लापता ये सब रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद साफ होगा.
चारों तरफ बस तबाही के निशान
उत्तराखंड के धराली गांव में नाला उफान पर है. धराली गांव में अब चारों तरफ बस तबाही के निशान दिखाई दे रहे हैं. बादल फटने से धराली गांव में कुदरत का ऐसा कहर बरपा कि पूरे देश में हाहाकार मच गया. पहाड़ी से खीरगंगा नदी के रास्ते नीचे आए मलबे ने गांव को दो हिस्सों में चीरकर रख दिया. गांव के ज़्यादातर मकान लाखों टन मलबे, या ये कहें कि मलबे के पहाड़ के नीचे दब गए हैं.
तबाही ने उन्हें अंदर तक हिलाकर रख दिया
खीरगंगा नदी के ऊपर बादल फटने के बाद नदी में आए सैलाब और मलबे ने धराली गांव का मानो वजूद ही ख़त्म कर दिया. आसमान से बरसे कुदरत के इस क़हर को देखकर लोग सहम गए, क्योंकि खीरगंगा नदी में पहाड़ से आए बेहिसाब पानी और मलबे ने वहां कोहराम मचा दिया. धराली गांव में आई इस आपदा को देखकर आसपास रहने वाले लोग बुरी तरह कांप गए. पहाड़ी के ऊपर मौजूद लोगों ने क़ुदरत के इस कहर को अपने मोबाइल फ़ोन में क़द कर लिया, लेकिन इस दौरान धराली गांव में मची तबाही ने उन्हें अंदर तक हिला कर रख दिया. लोगों के मुताबिक़ धराली गांव में इससे पहले ऐसी आपदा कभी नहीं आई. लोगों ने आशंका जताई की इस भयानक आपदा में गांव में मौजूद कई लोगों की मौत हो गई, क्योंकि लोगों के मुताबिक़ पहाड़ से खीरगंगा नदी में सैलाब इतनी तेज़ी से उतरा की गांव में मौजूद लोगों को भागने तक का मौक़ा नहीं मिला. मतलब गांव में मौजूद लोग चाहकर भी वहां से भाग नहीं पाए. इसी वजह से आशंका जताई गई कि इस आपदा में बड़ी संख्या में लोग मलबे के नीचे दब गए.
बहुत लोग मर गए भाई- चश्मदीद
इस भयानक आपदा में कितने लोगों की मौत हुई, इसकी सही-सही जानकारी अभी तक सामने नहीं आ सकी है. लेकिन अंदाजा लगाया गया कि सैलाब और मलबे की चपेट में आने की वजह से बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गईं. धराली गांव में मची तबाही को देखने के बाद लोग हिल गए. बहुत नुकसान हो गया. इतना कभी नहीं हुआ था. पता नहीं कितने लोग मर गए, कितने लोग दब गए? कई चश्मदीदों का कहना है कि बहुत लोग मर गए भाई, बहुत लोग मर गए. इतने लोग भाग नहीं पाए होंगे पता नहीं. कतई भी भाग नहीं पाए होंगे.
मकान और होटेल तिनके की तरह बह गए
उत्तरकाशी के खीरगंगा नदी के किनारे बसे धराली गांव पर इस आफत के टूटने के बाद पूरा उत्तराखंड दहल गया. इस आपदा ने ना सिर्फ उत्तराखंड में बल्कि पूरे देश में कोहराम मच गया. दावा किया जा रहा है कि जिस वक्त बादल फटा उस वक्त गांव में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, लेकिन किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि कुछ मिनटों के अंदर उनकी ज़िंदगी तबाह हो जाएगी. वहां कुदरत ने ऐसा कहर बरपाया, जिसे देखने के बाद लोग दहशत से भर गए. बादल फटने के बाद खीरगंगा नदी में आए सैलाब की चपेट में आकर धराली गांव में मौजूद ज्यादातर मकान और होटेल तिनके की तरह बह गए.










