नई दिल्ली। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली में बादल फटने के बाद आई बाढ़ में होटल और मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गए। इस घटना में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग लापता हैं। हालांकि इन आंकड़ों के बढ़ने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
जलशक्ति मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार बादल फटने की पहली घटना दोपहर एक बजे घटी, जिसके चलते खीरगंगा नदी में मलबा व पानी के साथ बाढ़ आ गई।इससे 15 आवासीय घर तबाह हो गए। जबकि 6 से 7 दुकानों को भी नुकसान पहुंचा। दर्जनों की संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं।
हर्षिल क्षेत्र में खीर गंगा गदेरे (गहरी खाई या नाला) का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे धराली गांव में भारी नुकसान हुआ। मानसून के मौसम में बादल फटना कोई असाधारण घटना नहीं है। ये घटनाएं ज्यादातर हिमालयी राज्यों में होती हैं। ऐसी घटनाओं को पूर्वानुमान भी नहीं लगाया जा सकता है।
बादल फटने की दूसरी घटना हर्षिल व गंगनानी के बीच सुक्की टाप के निकट तीन बजे घटी, जिसमें जानमाल के नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। इसके बाद तीसरे घटना साढ़ूे तीन बजे शाम को घटी, जो कि हर्षिल आर्मी कैंप के निकट तेल गाड़ में हुई। इससे बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए। भागीरथी नदी का प्रवाह रुकने से बनी झील के कारण हर्षिल हेलीपैड जलमग्न हो गया।












