शेखोपुरसराय, शेखपुरा
शेखपुरा के जिलाधिकारी सावन कुमार के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं का औचक निरीक्षण लगातार किया जाता है। इसी कड़ी में शेखोपुरसराय प्रखंड में मनरेगा योजना की जब जांच करने जिला अधिकारी सावन कुमार पहुंचे तो पन्हेसा गांव के दक्षिण टोला में मनरेगा में गड़बड़ी का मामला पकड़ लिया। इसमें 3 फीट ही अलंग का काम कराया जा रहा था जबकि प्राक्कलन 6 फीट का बनाया गया था। इतनी बड़ी गड़बड़ी का मामला जिलाधिकारी ने खुद अपने औचक निरीक्षण में पकड़ ली है।
मनरेगा में इस गड़बड़ी को पकड़े जाने के बाद जिलाधिकारी ने उप विकास आयुक्त को अभिलेख से मिलान करते हुए निर्माण कार्य कराने का निर्देश दिया एवं जांच के क्रम में अनियमितता का मामला के सामने आया है इससे संबंधित पदाधिकारी पर कार्रवाई का भी निर्देश दिया। अब इस पूरी प्रक्रिया में मनरेगा के रोजगार सेवक से लेकर प्रखंड के प्रोग्राम पदाधिकारी तक की संलिप्तता उजागर हो गई है और सभी पर गाज गिरना संभावित लग रहा है। इस मामले में जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी ने बताया कि वार्ड संख्या 4 में नल जल योजना भी बंद पाया गया । ग्रामीणों ने बताया कि पीएचईडी के द्वारा यह बोरिंग कराया गया है परंतु चालू कभी नहीं हुआ है।
मुखिया की मिलीभगत से होता है गोलमाल
इस पूरे मामले में बता दें कि मनरेगा के तहत मजदूरों से काम कराने का जो मामला है वह पूरी तरह से मुखिया की मिलीभगत से होता है। इसमें पंचायत में मनरेगा के काम कराने के लिए रोजगार सेवक की नियुक्ति की गई है और उसकी मॉनिटरिंग के लिए प्रखंड स्तर पर प्रोग्राम पदाधिकारी को भी नियुक्त किया गया है। सभी लोगों की मिलीभगत और कमीशन के खेल में फर्जी तौर पर मजदूरों से काम कराया जाता है। और अपने चिन्हित किए गए फर्जी मजदूरों के खाते में पैसा भेज कर पैसा की निकासी कर ली जाती है। उसी पैसे का बंदरबांट भी होता है। जिसमें सभी की हिस्सेदारी होती है । मनरेगा के काम में चल रहे इस तरह का गोलमाल और बंदरबांट जगजाहिर है और इससे सभी लोग वाकिफ है । इस खेल को लेकर कई बार बड़ा खुलासा भी हुआ है । बरबीघा प्रखंड के केवटी पंचायत में यह बड़ा खुलासा हुआ था। जब मरे हुए लोगों के नाम से मजदूरी कराने और उसी के नाम पर पैसा भेज कर निकासी कर लेने का मामला सामने आया था। इस मामले में मनरेगा के रोजगार सेवक, प्रोग्राम पदाधिकारी, मुखिया सभी पर प्राथमिक दर्ज कराई गई थी परंतु यह खेल अभी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। जिला अधिकारी के द्वारा पकड़े गए इस मामले में मुखिया की संलिप्तता सामने आ रही है।












