उत्तर प्रदेश के कानपुर के रेउना के कटरी गांव में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. साले के बेटे को बचाने के लिए यमुना नदी में एक युवक ने छलांग लगा दी. इस दौरान वहां किनारे पर मौजूद युवक के बच्चों को लगा की उनके पापा डूब रहे हैं. घबराहट में भाई-बहन भी यमुना नदी में कूद गए. हालांकि युवक और साले के बेटे की जान तो बच गई. लेकिन दोनों मासूमों की डूबने से मौत हो गई.
बच्चों के पिता भूपेंद्र सिंह चौहान शुगर फैक्ट्री में ब्वायलर ऑपरेटर हैं. परिवार में पत्नी के अलावा 14 साल की बेटी तनु, और एक छोटा बेटी आद्या, एक छोटा बेटा विश्वराज था. भूपेंद्र की पत्नी गुड़िया के चाचा का बीमारी के चलते निधन हो गया था. मंगलवार को उनकी तेरहवीं थी. गुड़िया चार दिन पहले ही गांव आ गई और उसके बच्चे सोमवार को पहुंचे थे. मंगलवार को तेरहवीं से पहले कर्मकांड करने वाले गुड़िया के भाई सत्यजीत गांव के पास यमुना नदी में नहाने चला गया. इस दौरान भूपेंद्र अपनी छोटी बेटी आद्या और बेटे विश्वराज के साथ-साथ साले रणजीत के 7 साल बेटे रुद्रप्रताप को लेकर नहाने चला गया. सत्यजीत नहाने के बाद घर लौट आया.
वहीं भूपेंद्र तीनों बच्चों को नहला रहा था. इसी दौरान रुद्र नहाते हुए कुछ दूर पहुंच गया और नदी में डूबने लगा. यह देख भूपेंद्र पहले अपने दोनों बच्चों को किनारे ले जाकर छोड़ा और फिर रुद्र को बचाने चला गया. हालांकि इस दौरान वह खुद डूबने लगा. शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और रुद्र और भूपेंद्र को बाहर लेकर आए पर भूपेंद्र के दोनों बच्चे घाट किनारे नहीं मिले. फिर पता चला कि पिता को डूबते देख दोनों डर गए थे और उन्हें बचाने के लिए नदी में कूद गए थे. डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया.










