नई दिल्ली: नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने शुक्रवार को पंजाब सरकार के सहयोग से पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, चंडीगढ़ द्वारा किए गए एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि टीकों की दोनों खुराक कोविड-19 की मौत से कम से कम 98 प्रतिशत सुरक्षा प्रदान करती हैं। ये अध्ययन राज्य के पुलिस कर्मियों के वास्तविक जीवन पर किया गया है।
डॉ पॉल ने कहा, “अध्ययन बहुत सरल है। 4,868 पुलिस कर्मियों को टीका नहीं लगाया गया था और उनमें से 15 की मौत कोविड -19 से हुई, जो कि 3.08 प्रति हजार है।”
टीके की एक खुराक प्राप्त करने वाले 35,856 पुलिस कर्मियों में से नौ की मृत्यु हो गई, जो कि 0.25 प्रति हजार है।
कुल 42,720 पुलिस कर्मियों को टीके की दोनों खुराकें मिलीं और उनमें से 2 की मौत हो गई, यानी 0.05 प्रति हजार।
डॉ पॉल ने कहा, “जब हम इन नंबरों की व्याख्या करते हैं, तो हम पाते हैं कि एक खुराक मौत से 92 सुरक्षा प्रदान करती है, जबकि दोनों खुराक 98 प्रतिशत की सुरक्षा प्रदान करती है।” यह अध्ययन पुलिस कर्मियों पर किया गया क्योंकि वे उच्च जोखिम वाले समूह से संबंधित हैं।













