नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बेरोजगारी के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा है कि कांग्रेस की तरह भाजपा भी बढ़ती बेरोजगारी के लिए जिम्मेदार है। मायावती ने कहा कि पढ़े-लिखे लोगों को भी सड़कों पर पकोड़े बेचने के लिए मजबूर किया जाता है, जो चिंता का विषय है।
बुधवार की सुबह ट्वीट्स की एक सीरीज में, बसपा सुप्रीमो ने कहा, “यूपी व पूरे देश भर में करोड़ों युवा व शिक्षित बेरोजगार लोग सड़क किनारे पकौड़े बेचने व अपने जीवनयापन के लिए मजदूरी आदि करने को भी मजबूर हैं तथा उनके माँ-बाप व परिवार जो यह सब देख रहे हैं उनकी व्यथा को समझा जा सकता है, जो यह दुःखद, दुर्भाग्यपूर्ण व अति-चिन्ताजनक है।”
उन्होंने कहा, “बीएसपी देश में नौजवानों के लिए ऐसी भयावह स्थिति पैदा करने के लिए केन्द्र में बीजेपी के साथ-साथ कांग्रेस को भी बराबर की जिम्मेदार मानती है जिसने लम्बे अरसे तक यहाँ एकछत्र राज किया व अपने कार्यकलापों की भुक्तभोगी बनकर कांग्रेस केन्द यूपी व काफी राज्यों की भी सत्ता से बाहर हो गई। यदि बीजेपी भी, कांग्रेस पार्टी के नक्शेकदम पर ही चलती रही तो फिर इस पार्टी की भी वही दुर्दशा होगी जो कांग्रेस की हो चुकी है, जिसपर बीजेपी को गम्भीरता से जरूर सोचना चाहिये क्योंकि इनकी ऐसी नीति व कार्यकलापों से न तो जनकल्याण और न ही देश की आत्मनिर्भरता संभव हो पा रही है।”
इससे पहले बुधवार को मायावती ने भारत के राष्ट्रपति द्वारा लखनऊ में अंबेडकर स्मारक के शिलान्यास समारोह पर सवाल उठाया था। उन्होंने समारोह को 2022 में राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले एक “नाटक” करार दिया और कहा कि बसपा स्मारक के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक हित के खिलाफ है।
“बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर और उनके करोड़ों शोषित पीड़ित अनुयायियों को लगभग पूरे समय सत्ता में रहने और परेशान करने के बाद, अब जब विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, यूपी में भाजपा सरकार ‘सांस्कृतिक केंद्र’ की आधारशिला रखेगी। बाबा साहब का नाम यह सब ड्रामा नहीं तो और क्या है?” उन्होंने कहा।










