पटना: बिहार में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हुई। करीब घंटे भर चली इस बैठक में छह एजेंडों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट की बैठक से पहले आरटी-पीसीआर जांच में दोनों उप-मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी के अलावा दो अन्य मंत्री अशोक चौधरी और सुनील कुमार कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद इन सभी लोगों ने बैठक में फिजिकली शामिल होने के बजाय ऑनलाइन माध्यम से जुड़ना बेहतर समझा।
सरकार के एक और मंत्री जनक राम कैबिनेट भी बैठक में शामिल होने के लिए सचिवालय पहुंचे थे, लेकिन वो सभा कक्ष में नहीं गए और इसमें ऑनलाइन शरीक हुए। इसके पीछे वजह यह बताई गई कि मंत्री ने अब तक अपना कोरोना जांच नहीं करवाया था। मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल होने वाले सभी मंत्रियों की कोरोना जांच के लिए एक दिन पहले ही सैंपल लिया गया था।
कैबिनेट की बैठक में 6 एजेंडे को मिली मंजूरी
मंत्रिमंडल ने वाणिज्य कर विभाग से जुड़े बिहार पेशा कर नियमावली 2011 में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। साथ ही गन्ना उद्योग विभाग की तरफ से लाए गए प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। राज्य के राजस्व में वृद्धि के लिए बिहार ईख (आपूर्ति एवं खरीद का विनियमन) नियमावली 1978 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही अब लाइसेंस के शुल्क का नवीनीकरण हो जाएगा। इसके अलावा, नीतीश कैबिनेट ने बिहार नगर पालिका अधिनियम 2007 के मुताबिक एक नगर निकाय और तीन नगर निकायों के क्षेत्र विस्तार को भी अपनी मंजूरी दी है।
वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पिता स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय कविराज राम लखन सिंह वैद्य, शहीद नाथून प्रसाद यादव, स्वर्गीय शीलभद्र याजी, स्वर्गीय मोगल सिंह और स्वर्गीय डूमर प्रसाद सिंह के सम्मान में बख्तियारपुर में प्रतिमा स्थल बनाने और हर साल 17 जनवरी को राजकीय समारोह का आयोजन किए जाने को भी स्वीकृति दी गई है। राज्य सरकार ने कोरोना महामारी के चलते जान गंवाने वाले लोगों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके लिए सरकार ने मौजूदा वित्तीय वर्ष में 105 करोड़ रुपए की अग्रिम स्वीकृति को मंजूरी दी है।










