पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से पहुंचे 147 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनता के दरबार में हाजिर होकर लोगों की शिकायतें सुनीं। जनता दरबार में नवादा से आये एक फरियादी ने मुख्यमंत्री से कहा कि नवादा के पूर्व विधायक के दामाद के निजी कॉलेज में वो प्राचार्य के पद पर कार्यरत हैं। हमलोगों को वेतन नहीं दिया जा रहा। इस संबंध में उन्होंने कई जगह गुहार लगायी, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। प्राचार्य की पूरी बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को इस पर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
मुंगेर से आयी एक महिला शिक्षिका ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि मेरा प्रमाण पत्र सही रहने के बावजूद उसे फर्जी बताते हुए मुझे शिक्षक पद से हटा दिया गया है। प्रमाण पत्र की सभी जगह से जांच भी हो गई है लेकिन उन्हें फिर से सेवा में नहीं लिया जा रहा। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को इस पर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
समस्तीपुर से आये एक छात्र ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि वर्ष 2017 में ही मैट्रिक की परीक्षा पास की लेकिन 10 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि नहीं दी गई है। सरकारी दफ्तर जब जाते हैं तो उन्हें भगा दिया जाता है। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मामले की जांच कर उचित कदम उठाया जाए।
शिवहर से आए एक युवक ने मुख्यमंत्री से फरियाद करते हुए कहा कि मैंने वर्ष 2018 में मैट्रिक की परीक्षा पास की लेकिन मेरे सर्टिफिकेट पर मेरी तस्वीर की बजाए एक लड़की की तस्वीर लगा दी है। सर्टिफिकेट पर फोटो सुवार के लिए बिहार बोर्ड में आवेदन भी किया, लेकिन अबतक र नहीं हुआ। सर्टिफिकेट पर लड़के की जगह लड़की की तस्वीर लगाये जाने पर मुख्यमं आश्चर्यचकित हो गये। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
छौड़ादानो, पूर्वी चंपारण से आए एक फरियादी ने कहा कि लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के पारित आदेश का अनुपालन प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा नहीं किया जा रहा है। वहीं रुनीसैदपुर, सीतामढ़ी से आए युवक ने शिकायत करते हुए कहा कि प्रेमनगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक सुविधा बहाल की जाए। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को कार्रवाई करने का निर्देश दिया ।
बिहारशरीफ से आए एक शिकायतकर्ता ने शिकायत करते हुए कहा कि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा में समाजशास्त्र विषय में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति में आरक्षण के प्रावधान का उल्लंघन किया जा रहा है। वहीं दाउदनगर, औरंगाबाद के एक युवक ने शिकायत करते हुए न्यायिक हिरासत एवं मुकदमा से मुक्त होने के उपरांत उन्हें फिर से डाटा इंट्री ऑपरेटर के पद पर बहाली करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को इस पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
मनेर, पटना के एक युवक ने शिकायत करते हुए कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निरोधक अधिनियम अंतर्गत मृतक के आश्रित का मुआवजा नहीं मिल पाया है। वहीं भभुआ, कैमूर के एक युवक ने वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा का स्नातक पाठ्यक्रम पांच वर्षों में पूरा हो रहा है जबकि तीन वर्षों में ही डिग्री मिलनी चाहिये। मुख्यमंत्री ने इन मामलों पर संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
बछवाड़ा, बेगूसराय की एक महिला ने शिकायत करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी सेविका की बहाली में उनके यहां अनियमितता हुई है तो वहीं मुंगेर की एक महिला ने पति से कोरोना से मृत्यु होने पर मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, उप मुख्यमंत्री रेणु देवी, शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी, समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी, अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण मंत्री संतोष कुमार सुमन, विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री सुमित कुमार सिंह, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री आलोक रंजन, सूचना प्रावैधिकी मंत्री जीवेश कुमार, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण, पुलिस महानिदेशक एसके सिंघल, संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव / प्रधान सचिव / सचिव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह तथा वरीय पुलिस अधीक्षक उपेंद्र शर्मा उपस्थित थे।










