पटना: मुख्यमंत्री ने कहा कि इसको लेकर दो दिन पहले हमने स्वास्थ्य विभाग के साथ समीक्षा बैठक की है। स्वास्थ्य विभाग ने जिलों में टीम भेजी है। सीवान में डेंगू का कोई मामला सामने नहीं आया है। सारण में 1 और गोपालगंज में डेंगू के 9 मामले सामने आये हैं। विभाग द्वारा जो भी कार्रवाई करनी है वो सब किया जा रहा है। पटना में भी इसको लेकर जांच चल रही है।
‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम की समाप्ति के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत की। बिहार में वायरल बुखार और डेंगू को लेकर पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव को लेकर सभी कार्य किये जा रहे हैं। वायरल बुखार से बच्चों के प्रभावित होने को लेकर हमने स्वास्थ्य विभाग के साथ समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अभी स्थिति नियंत्रण में है। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट है। वायरल बुखार को लेकर अस्पतालों में सभी जरुरी चीजों का इंतजाम है। अस्पतालों में बेड, चिकित्सक और दवा की कोई कमी नहीं है। यू0पी0 से सटे जिलों में इसका प्रकोप ज्यादा सामने आया है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के साथ ही प्रशासन के लोगों को भी सजग किया गया है। जिलों में डीएम भी इस पर नजर बनाये हुए हैं ताकि कोई मामला सामने आने के बाद तुरंत इलाज की व्यवस्था की जा सके। पहले भी कई तरह की बीमारियां सामने आती रही है, जिसको लेकर हर संभव कदम उठाये जाते रहे हैं। अभी ऐसी स्थिति नहीं है लेकिन फिर भी सरकार पूरी तरह से अलर्ट है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में ऐसी चर्चा है कि कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावना है। इसको लेकर हम सबको सचेत रहना है। कोरोना के साथ ही दूसरी अन्य बीमारियों को लेकर भी सबको सचेत रहना है। बिहार में कोरोना से बचाव को लेकर बड़े पैमाने पर टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर बिहार में बड़े पैमाने पर टीकाकरण किया जायेगा। इसको लेकर बड़े पैमाने पर तैयारी की जा रही है।
बाढ़ से हुई क्षति को लेकर केंद्र सरकार से क्षतिपूर्ति की मांग को लेकर सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से बिहार के कई क्षेत्र प्रभावित होते रहे हैं। केंद्रीय टीम यहां आकर बाढ़ से हुई क्षति का आकलन करने के बाद अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को देती है, जिसके बाद केंद्र सरकार जो उचित समझती है वो मदद करती है। इस बार भी केंद्रीय टीम ने बाढ़ प्रभावित सभी क्षेत्रों का जायजा लिया है। केंद्रीय टीम को भी लगा है कि बहुत जगहों पर बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है। बिहार सरकार ने अपनी तरफ से सभी चीजों का आकलन कर लिया है। उन्होंने कहा कि बिहार में सूखे की अभी कोई वैसी स्थिति नहीं दिख रही है, हमने अधिकारियों के साथ इसको लेकर समीक्षा की है। सूखे की स्थिति को लेकर भी अधिकारियों को फिर से आकलन करने का निर्देश दिया गया है। कल से दो दिनों तक जिलों के प्रभारी मंत्री अपने-अपने जिले का दौरा करके अधिकारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सभी चीजों को आकलन करेंगे। बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत देने को लेकर कृषि और आपदा प्रबंधन विभाग मिलकर काम कर रहा है ताकि मदद से कोई वंचित नहीं रहे। हमने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ का पानी आने के कारण कई किसान खेती नहीं कर पाये हैं, हमने ऐसे किसानों को भी मदद करने का निर्देश दिया है। आकलन करने के बाद ऐसे किसानों तक भी मदद पहुंचायी जायेगी। बाढ़ से अब तक के हुए नुकसान का आकलन कर मदद की जा रही है। हमलोग इस बार पूरे तौर पर एक साथ आकलन करा रहे हैं ताकि कोई आपदा पीड़ित मदद से वंचित नहीं रहे। आने वाले दिनों में बाढ़ की संभावना को लेकर भी हम सबको सजग रहना है।
एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को कई चीजों में ढ़ील दी गयी है लेकिन सभी को सावधानी बरतनी है। हमारा सबसे आग्रह है कि भीड़भाड़ से बचें। बाहर से आने वाले लोगों के लिए कोरोना टेस्ट का इंतजाम कई जगहों पर किया गया है। हमलोग तो यही प्रार्थना करते हैं कि स्थिति सामान्य रहे। लोगों को पूरी तरह से सजग रहना है। राज्य में टीकाकरण का कार्य तेजी से हो रहा है। शहरों के साथ-साथ गांवों में भी टीकाकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। हमलोगों ने छह महीने में छह करोड़ टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा है लेकिन उससे भी ज्यादा टीकाकरण करायेंगे ताकि लोग सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा कि हम बराबर कहते हैं निरंतर कोरोना टेस्ट भी करें। अभी प्रतिदिन लगभग पौने 2 लाख तक कोरोना टेस्ट किया जा रहा है। प्रतिदिन 2 लाख टेस्ट जरूर करना है इसके लिये भी स्वास्थ्य विभाग हर तरह से कोशिश कर रहा है। टेस्ट करते रहना बहुत जरूरी है। अगर एक आदमी भी पॉजिटिव निकल गया और पता नहीं चला तो इससे कई लोग प्रभावित हो जायेंगे। इसके अलावा लोगों को अलर्ट करने के लिये हमलोग प्रचार भी कर रहे हैं। एयरपार्ट पर होने वाले टेस्ट के बारे में मुख्यमंत्री ने बताया कि 3-4 राज्यों से आने वाले का टेस्ट निश्चित रूप से किया जा रहा है।
उच्च शिक्षा के संबंध में पूछ गये सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग इसको लेकर कई कदम उठा रहा है। बिहार में कॉलेजों की संख्या बढ़ी है। पहले क्या हाल था ? जब हमलोगों को बिहार की जनता ने काम करने का मौका दिया, उस समय बिहार में कितने कॉलेज थे, कितने स्कूल थे, कितने इंजीनियरिंग कॉलेज थे, कितने मेडिकल कॉलेज थे? हमलोगों ने कई संस्थानों की शुरुआत की है। स्कूल-कॉलेजों में शिक्षकों और कर्मियों की व्यवस्था की गई है।
एनडीए में समन्वय को लेकर पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये एकदम भ्रम है, ऐसा कुछ भी नहीं है। कुछ लोगों की आदत होती है अपनी तरफ से बयानबाजी करने की, हम उस पर ध्यान नहीं देते हैं। सभी लोगों से अलग-अलग बात कर लीजिये। एक-एक डिपार्टमेंट और एक-एक चीज को लेकर हम सभी लोग एक दूसरे के निरंतर संपर्क में रहते हैं।
सरकार में शामिल कई पार्टियों के द्वारा जनता दरबार शुरु करने के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम’ पूरी तरह सरकार का कार्यक्रम है। सभी लोगों को कहा गया है कि पार्टी में जो लोग समस्या लेकर आते हैं उसको भी सुनिये। अपने डिपार्टमेंट का भी देखिये और दूसरे डिपार्टमेंट का हो तो वहां भी सूचना दीजिये। इसलिये सभी लोग कर रहे हैं।
बख्तियारपुर का नाम बदलने की मांग के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ये फालतू बात है, बख्तियारपुर का नाम क्यों बदला जायेगा ? मेरा जन्म स्थान बख्तियारपुर है। बख्तियारपुर के बारे में कुछ लोग बिना मतलब की बात करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि एक बार पार्लियामेंट में एक मेम्बर ने कहा था कि जिसने नालंदा यूनिवर्सिटी को नष्ट कर दिया, उसका बख्तियारपुर में ही कैम्प रहता था और इस बार उसी बख्तियारपुर में जन्म लेने वाला आदमी है, जो नये सिरे से फिर नालंदा यूनिवर्सिटी बनवा रहा है।










