अनिल अग्रवाल की कंपनी Vedanta का स्टॉक शुक्रवार को निवेशकों की रडार पर है. स्टॉक में शुक्रवार को बढ़त देखी जा रही है. ख़बर लिखे जाने तक कंपनी के शेयर 0.39 प्रतिशत की तेज़ी के साथ 427 रुपये के लेवल पर ट्रेड कर रहे थे. यह तेज़ी इसलिए देखने को मिल रही है क्योंकि कंपनी ने गुरुवार को अपना क्वार्टर रिजल्ट घोषित किया है.
कंपनी का रिजल्ट
कंपनी ने गुरुवार को बताया कि उसका कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट जून तिमाही में 11.7 प्रतिशत घटकर 3,185 करोड़ रुपये हो गया है. जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 3,606 करोड़ रुपये था.
कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू सालाना आधार पर 5.75% बढ़कर 37,824 करोड़ रुपये हो गया, जो स्थिर व्यावसायिक वृद्धि दर्शाता है. इसने पहली तिमाही में अपना अब तक का हाइयेस्ट EBITDA भी दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5% अधिक ₹10,746 करोड़ रहा. EBITDA मार्जिन 81 बेसिस प्वॉइंट्स की वृद्धि के साथ 35% हो गया. कंपनी का नेट डेब्ट उसके EBITDA का 1.3 गुना है, जो मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है. इसके अतिरिक्त, इसकी क्रेडिट रेटिंग को AA पर पुनः स्थापित किया गया है.
मैनेजमेंट ने क्या कहा?
कंपनी के मैनेजमेंट ने कहा कि पहली तिमाही में उसके प्रदर्शन ने शेष वर्ष के लिए एक मज़बूत आधार तैयार किया है. वैश्विक बाज़ार में उतार-चढ़ाव के बावजूद, उसने पहली तिमाही में अपना अब तक का हाइयेस्ट EBITDA हासिल किया. ऑपरेशन के मोर्चे पर, इसने प्रोडक्शन कोस्ट में उल्लेखनीय कमी की है – हॉट मेटल की कोस्ट (एल्यूमिना को छोड़कर) पिछले चार वर्षों में सबसे कम रही, और ज़िंक इंडिया की पहली तिमाही की प्रोडक्शन कोस्ट अब तक की सबसे कम रही. गैम्सबर्ग माइन में प्रोडक्शन पिछले वर्ष की तुलना में 74% बढ़ा, बिजली की बिक्री पिछली तिमाही की तुलना में 33% बढ़ी, और फेरो क्रोम की मात्रा तिमाही-दर-तिमाही 150% बढ़ी. कंपनी ने अपनी लांजीगढ़ रिफाइनरी का विस्तार भी 587,000 टन तक किया, जो उसकी विकास योजनाओं में अच्छी प्रगति दर्शाता है.













