ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच बिहार के निजी ट्रांसपोर्टरों ने राज्य सरकार से यात्री बस किराए में संशोधन की मांग की है।
“निजी बसों का आखिरी किराया 2018 में बढ़ा था जब ईंधन की कीमतें मौजूदा दरों से काफी कम थीं। निजी ट्रांसपोर्टरों के शीर्ष संघ निकाय, बिहार मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन (बीएमटीएफ) के अध्यक्ष उदय शंकर सिंह ने कहा, कोविड के कारण कम फुटफॉल और उच्च ईंधन दरों के साथ हमारा व्यवसाय अब संभव नहीं है।
सिंह ने कहा कि बीएमटीएफ ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने इस वित्तीय संकट से निपटने में मदद करने के लिए सीएम के हस्तक्षेप की मांग की है।’’
बीएमटीएफ अध्यक्ष ने मनमाने किराए की मांग के लिए बसों पर जुर्माना लगाने के परिवहन विभाग के हालिया अभियान पर भी आपत्ति जताई। “ट्रांसपोर्टर सामान्य रूप से अधिक किराया नहीं ले रहे हैं। लेकिन उनके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई से हमें और परेशानी हो रही है।’’
सिंह ने कहा कि अगर किराए में संशोधन नहीं होता है तो ट्रांसपोर्टर पटना और बेगूसराय में क्रमशः 16 जुलाई और 18 जुलाई को बैठक करेंगे ताकि अपनी कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की जा सके। ‘‘हम अंतिम उपाय के रूप में अपने वाहनों को सड़क से हटा तो सकते हैं,’’ ।इस संदर्भ में परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल से संपर्क नहीं हो सका।










