माघ में सावन-भादो की तरह बरसे बदरा, पटना सहित कई जिलों में ओलावृष्टि, मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए जारी किया अलर्ट
मौसम पूर्वानुमानों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में सूबे में गरज के साथ बादल खूब बरसे। माघ में सावन भादो की तरह बादलों ने इतनी बारिश कराई कि पटना सहित कई जगहों पर पिछले कई सालों का बारिश का रिकॉर्ड टूट गया। शुक्रवार को कई जगहों पर भारी बारिश के बीच जमकर ओलावृष्टि हुई। मोतिहारी में ओलावृष्टि ने पर्वतीय प्रदेशों के जैसा नजारा बना दिया। पटना में फरवरी में एक दिन में सबसे अधिक बारिश का रिकॉर्ड 6 फरवरी 1949 का है जब राजधानी में 40.6 मिमी बारिश हुई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक गुरुवार और शुक्रवार की रात 36.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इस अनुसार सात दशकों बाद फरवरी में 24 घंटे में यह दूसरी सबसे ज्यादा बारिश है। हालांकि पूरे फरवरी महीने की बात करें तो वर्ष 2013 में पटना में 36.4 मिमी बारिश हुई थी। अगले एक दो दिनों में बारिश की स्थिति बनी तो पूरे महीने का रिकॉर्ड भी टूट सकता है। पटना में फरवरी में बारिश होने का ऑल टाइम रिकार्ड 69.2 एमएम है जो 1984 में दर्ज किया गया था।
क्यों हुई इतनी बारिश
मौसमविदों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और बिहार से गुजर रहे ट्रफ लाइन की वजह से पटना समेत लगभग पूरे बिहार में तेजी से मौसम बदला और इस दौरान कई जगहों पर भारी बारिश हुई। पटना समेत सूबे में 20 से लेकर 40 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चली। पटना जिले के बिक्रम के अलावा नवादा, मोतिहारी, बक्सर, समस्तीपुर समेत कई जिलों में ओले गिरे।
मोतिहारी में इतने अधिक ओले गिरे कि सड़कों और खेतों में सफेद चादर बिछने जैसा नजारा हो गया। वहीं मुजफ्फरपुर, वैशाली, बगहा, खगड़िया, सहरसा, मुंगेर, नवादा, समस्तीपुर, शेखपुरा, नालंदा, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, मधुबनी और सारण में वज्रपात की घटनाएं हुईं। मौसम विभाग के अनुसार, सबसे अधिक बगहा में 51.6 एमएम बारिश हुई जबकि पटना में 36.2 एमएम बारिश रिकार्ड की गई।










