पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को आयोजित ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 195 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए।
“जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग, गृह विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, निगरानी विभाग, खाना एवं भूतत्व विभाग के मामलों पर सुनवाई हुयी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनता के दरबार में हाजिर होकर लोगों की शिकायतें सुनीं। मुंगेर से आए एक फरियादी ने कहा कि अपराधियों के आतंक से वो परेशान है। आगे उन्होंने कहा कि हमने दुकान लूट करने वालों पर मामला दर्ज कराया तो बदमाशों ने दो बार गोली चला दी, मेरे बेटे को पीटा गया। सीआईडी में मामला चल रहा है। इस संदर्भ में हमने एडीजी सीआईडी से काम चलेगा, हमें न्याय चाहिए उठार लगायी तब जाकर जान बची। इस तरह कितना दिन शिकायत सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने आवेदक को पुलिस महानिदेशक के पास भेजा और कहा कि पूरे मामले को देखकर उचित कदम उठाया जाए।
वाल्मीकिनगर से आयी पीड़ित महिला ने जदयू के विधायक रिंकू सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसके पति की हत्या के मामले में स्थानीय विधायक श्री रिंकू सिंह को आरोपित किया गया था लेकिन पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। इस शिकायत के बाद मुख्यमंत्री ने पीड़ित महिला को डीजीपी के पास भेजकर जांच कराने को कहा। भगवानपुर, बेगूसराय के अरुण कुमार सिंह ने अपनी शिकायत में कहा कि गैरमजरुआ जमीन पर दबंगों ने अतिक्रमण कर सार्वजनिक कुआं को भर दिया और उस पर कब्जा कर लिया है। वहीं डिहरी, रोहतास के कुमार महेंद्र प्रताप ने उनके निजी जमीन पर असामाजिक तत्वों द्वारा कब्जा करने के संबंध में शिकायत की। शिकायत सुनने के बाद मंत्री ने समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
एक महिला मुखिया ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि उनके पति दी गई शिकायत करने के बाद भी थानेदार आरोपी को बचाने में लगे हुए हैं। गरफ्तारी भी हुई और 17 दिनों में बेल भी मिल गया। अब वह आरोपी लगातार । है। मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव गृह एवं डीजीपी को इस मामले में कार्रवा निर्देश दिया।
सीवान के सिसवां के गौतम यादव ने पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी के कायत करते हुए कहा कि हमारे द्वारा शराब विक्रेताओं के खिलाफ किए गए गोपनीय सूचना को व्हाट्सअप पर इनलोगों ने सार्वजनिक कर दी। मुख्यमंत्री ने ज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को शीघ्र कार्रवाई करने का आदेश दिया। सुपौल से आए एक फरियादी ने मुख्यमंत्री के सामने 51 ऐसे मामलों की सूची भ्रष्टाचार से जुड़े हुए थे। फरियादी ने आरोप लगाया कि यह मामले उनका व्यक्तिग बल्कि जिले से संबंधित है। सुपौल जिले में जबरदस्त भ्रष्टाचार है। जिले के डीएम भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। उनके खिलाफ कई तरह की शिकायतें एक साल से व हे हैं। मुख्य सचिव के सामने भी शिकायत की गई और मुख्यमंत्री कार्यालय में भी डीएम साहब के ऊपर कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। जिले में अल्पसंख्यक छात्रवृति से जुड़ी योजना में घोटाला किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं में भी जबरदस्त गड़बड़ी का आरोप फरियादी ने लगाया। इतना ही नहीं तालिमी मरकज घोटाट भी आरोप डीएम के ऊपर लगाया गया है। उस मामले में जांच कमिटी का गठन तो है लेकिन समाधान कुछ नहीं होता। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सम्बंधित विभाग को इस पर उचित कार्रवाई करने को कहा।
पूर्णिया के डगरुपा के सोहैब आलम ने अपनी फरियाद में कहा कि न्यायालय के आदेश के बावजूद मेरे दखल भूमि को अंचलाधिकारी द्वारा मेरे पड़ोसी द्वारा कब्जा किए बढ़ावा देते हैं। वहीं वैशाली की सहदेई बुजुर्ग की प्रियंका कुमारी न्यायालय द्वारा रफ्तारी वारंट जारी होने के बावजूद अब तक आरोपी को थाना द्वारा गिरफ्तार नहीं किए आने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को कार्रवाई करने को कहा। कैमूर के ममुआ के परमानंद केसरी ने शिकायत करते हुए कहा कि धार्मिक न्यास परिषद पटना द्वारा भभुआ स्थित स्व कनीराम धर्मशाला को संचालित किया जा रहा है। इसमें अनेक अनियमिततायें बरती जा रही है। वहीं टेकारी, गया के अमरजीत दास ने नीराम जानकी बेलवन ठाकुरबाड़ी की जमीन पर दबंगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा किए जाने जान से मारने की धमकी की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करने का आदेश दिया। पूर्वी चंपारण की सुश्री रुचि भारती ने शिकायत करते हुए कहा कि मेरे पिता जी जो के दैनिक जागरण समाचार पत्र में पत्रकार हैं उनको तंग तबाह किए जाने की नीयत से कंसाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत कुमार, खान एवं भूतत्व मंत्री जनक राम, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री सुनील कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री त्रिपुरारी शरण, पुलिस महानिदेशक एसके सिंघल, विकास आयुक्त आमिर सुबहानी, अपर मुख्य सचिव राजस्व एवं भूमि सुधार विवेक कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव गृह चैतन्य प्रसाद, संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह तथा वरीय पुलिस अधीक्षक उपेंद्र शर्मा उपस्थित थे।










